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CTET और STET में क्या अंतर है? अगर आप शिक्षक बनना चाहते है या शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, तो CTET या STET परीक्षा पास करना ही होगा उसके बाद ही आप शिक्षक बन सकते है |
ऐसे में यह सवाल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों ही STET एवं CTET शिक्षक पात्रता परीक्षाएं हैं, लेकिन इनके उद्देश्य, आयोजन, पात्रता और भर्ती के तरीके अलग होते है |

ऐसे बहुत सारे कैंडिडेट्स है जिन्हें ऐसा लगता है की “CTET और STET एक ही परीक्षा हैं” और तो और कभी कभी ऐसा भी लगता है की इनमें से किसी एक को पास करने के बाद सीधे सरकारी शिक्षक की नौकरी मिल सकती है |
सच तो यह है कि Teacher Eligibility Test (TET) एक पात्रता परीक्षा मात्र होती है और शिक्षक भर्ती के लिए संबंधित विभाग द्वारा अलग चयन प्रक्रिया निर्धारित की जाती है |
आज के इस ब्लॉग में समझेंगे CTET vs STET, CTET और STET की eligibility, exam pattern, certificate, teacher recruitment, नौकरी के अवसर और दोनों परीक्षाओं के बीच मुख्य अंतर क्या है।
नोट: यहाँ आपको अवगत करना चाहेंगे की पात्रता, परीक्षा पैटर्न, प्रमाणपत्र की वैधता और भर्ती के नियम समय के साथ बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को पढ़ जरूर लें ताकि आप उस टीम के हिसाब से अपनी Eligibility देख सकें।
CTET क्या है?
CTET का पूरा नाम Central Teacher Eligibility Test है। यह केंद्रीय स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा है। इस परीक्षा को Central Board of Secondary Education (CBSE) द्वारा Conduct अपने नियम का अनुसार कराया जाता है |
CTET परीक्षा का उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों की शिक्षक पात्रता का आकलन करना है जो fixed कक्षाओं के लिए शिक्षक पदों की भर्ती में आवेदन करना चाहते हैं |
यह परीक्षा उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है जो कैंडिडेट्स केंद्रीय स्तर के स्कूलों में पढ़ाना चाहते है | लेकिन बहुत सारे राज्य में भी अवसर है जिनमें CTET qualification मांगी जाती है। शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए |
एक बात यहं पर स्पस्ट कारण चाहते है की केवल CTET पास करने से किसी उम्मीदवार को अपने आप ही शिक्षक की नौकरी नहीं मिलती। शिक्षक भर्ती के लिए जो संबंधित संस्था या विभाग है, उसके नियम लागू होते हैं।
STET क्या है?
STET का पूरा नाम State Teacher Eligibility Test है। यह परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा के नाम से जानी जाती है।
ये परीक्षा अलग-अलग राज्यों में अलग नाम से तथा अलग-अलग eligibility criteria और परीक्षा पैटर्न के साथ हो सकती हैं।
उदाहरण के लिए, किसी राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य की निर्धारित परीक्षा संस्था द्वारा करायी जा सकती है साथ ही उस राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा अलग-अलग नियम परीक्षा को करने के लिए निर्धारित किए जा सकते हैं।
इसलिए कोशिश करें official notification एक बार जरूर देख लें।
CTET और STET में क्या अंतर है?
CTET और STET में सबसे मुख्य अंतर यह है की CTET केंद्रस्तरीय पात्रता परीक्षा होती है जबकि STET को राज्य की पात्रता परीक्षा कहलाती है |
CTET केंद्रीय स्तर की Teacher Eligibility Test है, जबकि STET राज्य स्तर की Teacher Eligibility Test होती है।
CTET और STET के बारे में आपको टेबल के माध्यम से बताते है |
| आधार | CTET | STET |
|---|---|---|
| पूरा नाम | Central Teacher Eligibility Test | State Teacher Eligibility Test |
| स्तर | केंद्रीय स्तर | राज्य स्तर |
| आयोजन | CBSE द्वारा | संबंधित राज्य की संस्था के द्वारा / या बोर्ड द्वारा |
| मुख्य उद्देश्य | केंद्रीय/CTET स्वीकार करने वाली भर्ती में पात्रता | संबंधित राज्य की शिक्षक भर्ती में पात्रता |
| क्षेत्र | केंद्रीय स्तर या संबंधित भर्ती के नियमों के अनुसार | मुख्य रूप से संबंधित राज्य |
| Eligibility | निर्धारित राष्ट्रीय/परीक्षा नियमों के अनुसार | संबंधित राज्य के नियमों के अनुसार |
| Paper | Paper 1 और Paper 2 | राज्य के नियमों के अनुसार इसमें भी Paper 1 और Paper 2 |
| नौकरी | संबंधित भर्ती प्रक्रिया के अनुसार | संबंधित राज्य की भर्ती प्रक्रिया के अनुसार |
| Certificate | परीक्षा के नियमों के अनुसार | राज्य/परीक्षा के नियमों के अनुसार |
| भर्ती | अलग चयन प्रक्रिया हो सकती है | अलग चयन प्रक्रिया हो सकती है |
CTET और STET Eligibility में अंतर
हलाकि है दोनों ही पात्रता परीक्षा है परन्तु दोनों के CTET और STET के eligibility criteria में अंतर होता है
CTET पात्रता परीक्षा में आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स के पास certain शैक्षणिक योग्यता और teacher-training qualification पूरी करनी होती है। साथ ही “इसमें कक्षा और Paper के अनुसार qualification अलग हो सकती है।”
STET पात्रता परीक्षा में आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स के पास में eligibility संबंधित राज्य द्वारा तय की जाती है। इसलिए यहाँ पर एक बात बताना चाहेंगे की एक राज्य की STET eligibility दूसरे राज्य की STET eligibility से अलग हो सकती है।
“CTET और STET” शिक्षक पात्रता परीक्षा में निम्नलिखित प्रकार की शैक्षणिक योग्यताएं हो सकती हैं:
- 12वीं पास
- Graduation
- D.El.Ed.
- B.Ed.
- संबंधित teacher-training qualification
- निर्धारित मिनिमम मार्क्स
CTET में कितने Paper होते हैं?
जैसा कि आपको ऊपर बताया गया है, CTET में दो पेपर होते हैं: पेपर-1 , पेपर-2 आइए एक-एक कर जानते हैं-
CTET Paper 1
Paper 1 अगर आप इस पेपर को देते है और पास करते है तो आप कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षक पदों से संबंधित पात्रता के लिए के लिए योग्य समझे जाते है |
Paper 1 में आपसे बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा और गणित जैसे अलग अलग विषयों के साथ अन्य निर्धारित विषय शामिल होते हैं। और पर्सन यही से पूछे जाते हैं।
CTET Paper 2
Paper 2 अगर आप इस पेपर को देते है और पास करते है तो कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षक पदों के लिए योग्य समझे जाते है |
Paper 2 में आपसे बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा तथा संबंधित विषय/विषय समूह शामिल होते हैं।
यहाँ आपको एक बात की जानकारी देना चाहते है की यदि कोई कैंडिडेट्स तय किये गए नियमों के अनुसार “दोनों स्तरों के लिए पात्रता चाहता है,” तो वह दोनों Paper के लिए आवेदन कर सकता है।
CTET और STET Exam Pattern में अंतर
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया, CTET का exam pattern केंद्रीय स्तर पर निर्धारित होता है और केंद्र के नियमों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाती है।
दूसरी ओर STET का pattern संबंधित राज्य की संस्था या बोर्ड तय करता है।
ऐसा देखा जा सकता है , “दोनों परीक्षाओं में लगभग इन्हीं सब टॉपिक्स से teaching aptitude, child development, pedagogy और subject knowledge से प्रश्न देखे जा सकते हैं।
लेकिन टॉपिक्स एक रहने के वाबजूद विषयों की संख्या, भाषा, प्रश्नों का structure और अन्य नियम अलग अलग हो सकते हैं।
इसलिए कैंडिडेट को इन सभी निचे लिखे बातो का ध्ययान रखन चाहयिए तैयारी करते समय ताकि उन्हें बाद में दिक्कत न हो |
- Official syllabus देखना चाहिए।
- Latest notification पढ़ना चाहिए।
- Previous year question papers हल करने चाहिए।
- Mock test देना चाहिए।
- परीक्षा की marking scheme को समझने की कोशिश करनी चाहिए।
CTET Certificate क्या होता है?
CTET Certificate जब आप इस पात्रता परीक्षा को पास कर लेते हैं, तब आपको Certificate संबंधित बोर्ड या संस्था द्वारा मिलता है। इसके बाद आप परीक्षा के नियमों के अनुसार eligibility certificate/प्रमाणपत्र ले सकते हैं।
STET Certificate क्या होता है?
STET Certificate जब आप इस पात्रता परीक्षा को पास कर लेते हैं, तब आपको संबंधित राज्य की परीक्षा व्यवस्था के अनुसार Teacher Eligibility से संबंधित प्रमाणपत्र/qualification मिल सकती है।
क्या CTET पास करने से सरकारी शिक्षक की नौकरी मिलती है?
नहीं।
कैंडिडेट्स के लिए यह बिल्कुल क्लियर होना चाहयिए की सिर्फ CTET परीक्षा को पास करने से नौकरी नि मिल सकती है | यह बात सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे हर एक कैंडिडेट्स को समझना चाहिए।
CTET एक Teacher Eligibility Test है। इसे पास करने का अर्थ यह है कि उम्मीदवार ने संबंधित परीक्षा की पात्रता प्राप्त की है।
हाँ, इसके बाद सरकारी नौकरी के लिए अगले प्रोसेस में जा सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर इसके अलग-अलग चरण हो सकते हैं:
- Eligibility check
- Online application
- Written examination
- Merit/selection process
- Document verification
- अन्य निर्धारित प्रक्रिया
इसलिए ध्यान रखें , CTET का मतलब सीधी नौकरी की गारंटी नहीं होती है।
क्या STET पास करने से सरकारी शिक्षक की नौकरी मिलती है?
यहाँ भी ऊपर लिखी बातें ही लागू होती हैं “नहीं” | क्योंकि STET भी एक पात्रता परीक्षा है
CTET और STET में Salary का क्या अंतर है?
CTET और STET सिर्फ पात्रता परीक्षाएं हैं, न कि कोई नौकरी; इसलिए CTET Salary और STET Salary नहीं होती।
इसलिए केवल CTET या STET qualification के आधार पर salary की तुलना करना सही नहीं होगा।
CTET और STET में कौन-सी परीक्षा देनी चाहिए?
इस सवाल का उत्तर कैंडिडेट्केस के उपर है की वह कोण सा पेपर देना चाहता है क्योकि उसका career goal अलग अलग हो सकता है। जैसे -कैंडिडेट्स हो सकता है CTET / STET दोनों पेपर में से कोई एक पास करना चाहें |
- CTET पेपर-1, पेपर-2
- STET पेपर-1, पेपर-2
“निर्णय लेने से पहले इन बातों को देखें”
1. आप किस राज्य में शिक्षक बनना चाहते हैं?
2. किस कक्षा के शिक्षक बनना चाहते हैं?
3. जिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं उसमें कौन-सा TET मांगा गया है?
4. आपकी educational qualification क्या है?
5. आपकी teacher-training qualification क्या है?
CTET और STET के फायदे
दोनों पेपर पास करने के बाद अलग-अलग तरीके से फायदे होते हैं।
क्योंकि यह एग्जाम सिर्फ एक पात्रता परीक्षा है पर अलग-अलग क्लास के लिए होता है यह बात आपको टेबल के माध्यम से क्लियर करना चाहेंगे |
| परीक्षा | पेपर | कक्षा | शिक्षक स्तर |
|---|---|---|---|
| सीटीईटी (CTET) | पेपर 1 | कक्षा 1–5 | प्राथमिक शिक्षक |
| सीटीईटी (CTET) | पेपर 2 | कक्षा 6–8 | उच्च प्राथमिक शिक्षक |
| सीटीईटी (CTET) | पेपर 1 + पेपर 2 | कक्षा 1–8 | प्राथमिक + उच्च प्राथमिक शिक्षक |
| बिहार एसटीईटी (STET) | पेपर 1 | कक्षा 9–10 | माध्यमिक शिक्षक |
| बिहार एसटीईटी (STET) | पेपर 2 | कक्षा 11–12 | उच्च माध्यमिक शिक्षक |
CTET और STET से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल
क्या CTET और STET दोनों TET हैं?
हां, दोनों शिक्षक पात्रता परीक्षा हैं, लेकिन CTET केंद्रीय स्तर की परीक्षा है और STET राज्य स्तर की परीक्षा है।
क्या CTET पूरे भारत के लिए मान्य है?
CTET की स्वीकार्यता संबंधित भर्ती और लागू नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए जिस vacancy में आवेदन करना है, उसकी eligibility जरूर देखें।
क्या STET दूसरे राज्य में मान्य होता है?
STET जरूरी नहीं कि इसे हर राज्य में स्वीकार कर लिया जाए। यह संबंधित राज्य की भर्ती notification में eligibility और accepted qualification पर निर्भर करता है।
क्या CTET और STET का syllabus एक जैसा है?
नहीं,
CTET और STET दोनों का syllabus पूरी तरह समान नहीं है। CTET का syllabus उसके official examination framework के अनुसार होता है,
और STET का syllabus संबंधित राज्य की परीक्षा/बोर्ड के अनुसार हो सकता है।
क्या CTET और STET दोनों की तैयारी एक साथ की जा सकती है?
हां, किया जा सकता है, लेकिन यह बात कैंडिडेट्स पर निर्भर करती |
क्या CTET पास करने के बाद B.Ed. जरूरी है?
यह कैंडिडेट के चुने गए पेपर, पद और संबंधित भर्ती की eligibility पर निर्भर करता है।
क्या STET पास करने के बाद सीधे नियुक्ति हो जाती है?
नहीं। ऐसा नहीं होता है
CTET और STET में अंतर: निष्कर्ष
CTET और STET के निष्कर्ष के रूप में यह बताना चाहेंगे कि दोनों शिक्षक पात्रता परीक्षाएं हैं।
परन्तु इनके आयोजन, क्षेत्र और भर्ती में उपयोग के नियम अलग हो सकते हैं।
CTET केंद्रीय स्तर की Teacher Eligibility Test है, जबकि STET राज्य स्तर की Teacher Eligibility Test होती है।